Operation Safed Sagar: ओटीटी पर कई बार ऐसी सीरीज और फिल्में रिलीज होती हैं, जो दर्शकों के दिलों में घर कर जाती हैं. कई सीन्स भी ऐसे होते हैं, जिसे जहन से निकाल पाना भी मुश्किल होता है. ऐसे में इस हफ्ते सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ को रिलीज किया गया, जिसने नेटफ्लिक्स पर आते ही नंबर 1 पर कब्जा जमा लिया. इसमें करगिल युद्ध की वो कहानी देखने के लिए मिलती है, जिसके बारे में कम ही लोगों ने देखा और सुना होगा. इसमें एयरफोर्स की उस साहस भरी स्टोरी को दिखाया गया है. चलिए बताते हैं इसे देखने की 5 वजहों के बारे में.
करगिल युद्ध के जांबाज हीरो की अनकही कहानी
‘ऑपरेशन सफेद सागर’ 6 एपिसोड की एक बेहतरीन सीरीज है, जिसमें करगिल युद्ध के जांबाज हीरोज की अनकही कहानी देखने के लिए मिलती है. अभी तक आपने करगिल का ग्राउंड बैटल देखा होगा. करगिल पर जितनी भी फिल्में और सीरीज आई हैं, सब में अभी तक ग्राउंड बैटल का ही जिक्र किया गया. लेकिन कम ही लोगों को करगिल में एयरफोर्स के योगदान के बारे में पता होगा. ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में दिखाया गया है कि वायु सेना ने जीपीएस और मैपिंग के जरिए 15000-18000 फीट पर फ्लाई करके दुश्मनों के ठिकाने का पता लगाया था और फिर ग्राउंड पर मौजूद सेना को गाइड किया था.
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इतना ही नहीं, जब करगिल में लगातार भारतीय सेना के जवान शहीद हो रहे थे तो इस बीच वायु सेना की टीम ‘गोल्डन एरो’ ने इस लड़ाई में हिस्सा लिया था और मैपिंग वाले MIG से बॉम्बिंग की थी. करगिल में एयरफोर्स का ये योगदान और लड़ाई का ये पहलू देखने लायक है. इसमें पाकिस्तान के दोगलेपन का भी खुलासा होता है.
जिम्मी शेरगिल और सिद्धार्थ की जोड़ी
सीरीज ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में जिम्मी शेरगिल और एक्टर सिद्धार्थ लीड रोल में हैं. इसमें दोनों की जोड़ी और दोस्ती देखने लायक है. जिम्मी ने विंग कमांडर पी.एस. ढानोआ (टोनी ढानोआ) का रोल प्ले किया है तो सिद्धार्थ स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा की भूमिका में हैं. सीरीज में दोनों की दोस्ती भी कमाल की दिखाई गई है. इनकी जोड़ी की ये पहली फिल्म है, जिसमें दोनों ही कलाकारों ने फैंस और दर्शकों का दिल जीत लिया है. सिद्धार्थ और जिम्मी ने अपने किरदारों के साथ न्याय किया है. आपको बता दें कि स्क्वाड्रन लीडर अजय आहूजा और विंग कमांडर पी.एस. ढानोआ (टोनी ढानोआ) का करगिल युद्ध में बड़ा योगदान रहा था. अजय आहूजा इस लड़ाई में शहीद हो जाते हैं.
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कलाकारों की एक्टिंग
इतना ही नहीं, ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में बाकी कलाकारों की कास्टिंग भी कमाल की गई है. सभी ने अपने किरदारों को जिया है. फिल्म में एक्टर अभय वर्मा फ्लाइंग ऑफिसर आर.एस. धारीवाल (धली), मिहिर आहूजा, फ्लाइंग ऑफिसर सी.एच. बालगोविंदा रेड्डी (बाल्डी), अर्णव भसीन फ्लाइंग ऑफिसर अमित ‘गुफी’ गुप्ता के साथ ही दीया मिर्जा, प्राजक्ता कोहली और आदिल हुसैन जैसे कलाकार भी अहम रोल में थे. इन एक्टर्स ने अपने किरदार के साथ न्याय ही नहीं किया बल्कि सीरीज में देखने के लिए मिला कि उन्होंने इसे जिया. भले की स्क्रीन स्पेस इनके पास कम रहा हो लेकिन फिर भी उन्होंने जो काम किया वो स्क्रीन पर देखने लायक है.
शानदार डायरेक्शन- सीधी बात नो बकवास
देशभक्ति से लबरेज सीरीज या फिल्म को दिखाना बड़ा ही मुश्किल काम होता है. ऊपर जब कोई ऐसी कहानी दिखाई जा रही हो, जो लोगों को दिलों के बेहद करीब हो तो वहां डायरेक्टर्स के लिए काम और मुश्किल हो जाता है कि फैक्चुअली और विजुअली चीजें कुछ गड़बड़ ना हो. ऐसे में ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ की स्टोरी टेलिंग कमाल की रही है. इसे दिखाने का जिम्मा डायरेक्टर ओनी सेन ने लिया था और उन्होंने इसे बेहद ही सरल तरीके से पर्दे पर उतारा.
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इसमें करगिल में वायु सेना के योगदान के हर पहलुओं को दिखाया गया है, जो कमाल का है. इसमें उन्होंने ग्राउंड बैटल से लेकर पाकिस्तान का असली चेहरा तक को अच्छे से दिखाया. सीरीज में पुराने फुटेज और वीडियोज का भी इस्तेमाल किया गया है, जो कि विजुअली कहानी में जान डालने का काम करते हैं. इसे दर्शक करगिल युद्ध को महसूस कर पाते हैं. आसान शब्दों में कहें तो डायरेक्टर ओनी सेन ने सीधी बात की बिना किसी लाग लपेट के.
नॉलेजफुल जानकारियां
इतना ही नहीं, ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ में कई नॉलेज फुल जानकारियां भी देखने के लिए मिलती हैं कि कैसे लगातार निराशा मिलने की वजह से इस ऑपरेशन को रोक दिया गया था. लेकिन फिर जीपीएस और मैपिंग के जरिए वायु सेना ने बॉम्बिंग का फैसला किया. फोटो कैप्चर करने वाले मिग में बॉम्ब फिट किए गए और दुश्मनों के ठिकानों पर बॉम्ब बादलों से गिराए गए. रात के अंधेरे में मिग से बॉम्बिंग की गई. करगिल युद्ध में ही ये सारे एक्सपेरिमेंट पहली बार किए गए थे, जो कि इस सीरीज में दिखाया गया है.
कुल मिलाकर, अगर आपने काफी समय से कोई अच्छी और ऑरिजन सीरीज या फिल्म नहीं देखी है तो ये आपके लिए बेहतरीन ऑप्शन है. वहीं, अगर आप करगिल युद्ध की स्टोरीज जानने के लिए बेहद ही उतावले रहते हैं तो ये आपके लिए एक बेहतरीन स्टोरी हो सकती है.


