
सावन के महीने में हरियाली तीज का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास और पवित्र माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी शादीशुदा जिंदगी के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, अगस्त की गर्मी और उमस के बीच पूरे दिन बिना पानी के रहना शरीर के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। व्रत के दौरान सिरदर्द, चक्कर आना, सुस्ती और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचने के लिए सही देखभाल बहुत जरूरी है।
अगर आप भी हरियाली तीज पर निर्जला व्रत रख रही हैं तो कमजोरी से बचने के लिए कुछ उपायों के बारे में बताएंगे। जिससे आपको लाभ हो सकता है। आइए जानते हैं।
व्रत से एक दिन पहले शरीर को करें हाइड्रेट
व्रत शुरू होने से एक दिन पहले खूब पानी पिएं। अपने आहार में नारियल पानी, नीबू पानी, और छाछ जैसे तरल पदार्थ शामिल करें। शरीर में पानी का अच्छा स्तर रहने से अगले दिन प्यास और थकावट कम महसूस होगी।
सरगी यानी कि व्रत के पहले खाने में लें कॉम्प्लेक्स कार्ब्स
व्रत की शुरुआत से पहले मिलने वाले समय या सरगी में तला-भुना खाने के बजाय खजूर, भीगे हुए बादाम, अखरोट, और फल जैसे केला या सेब खाएं। कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट और फाइबर पचने में समय लेते हैं, जिससे लंबे समय तक भूख नहीं लगती।
भारी शारीरिक काम और धूप से बचें
निर्जला व्रत वाले दिन शरीर में पानी की कमी होती है। ऐसे में तेज धूप में निकलने या भारी घर के काम करने से बचें। ज्यादा पसीना निकलने से डिहाइड्रेशन की समस्या तेजी से बढ़ सकती है।
ब्रीदिंग एक्सरसाइज और हल्की झपकी लें
थकान महसूस होने पर दिन में 15–20 मिनट की हल्की झपकी लें। इसके अलावा अनुलोम-विलोम और गहरी सांस लेने की क्रियाएं करें। इससे दिमाग शांत रहता है और शरीर में ऑक्सीजन का प्रवाह बेहतर होता है।
व्रत खोलते समय एकदम से भारी खाना न खाएं
शाम को पूजा के बाद व्रत खोलते ही भारी, मसालेदार या मीठा खाना खाने की गलती न करें। सबसे पहले सादा पानी, नारियल पानी या सुपाच्य फल लें। इसके 20-30 मिनट बाद ही हल्का और सुपाच्य भोजन जैसे खिचड़ी या दलिया खाएं।
व्रत के बाद इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाएं
व्रत पारण के बाद शरीर को तुरंत ताकत देने के लिए इलेक्ट्रोलाइट्स युक्त पेय लें। नीबू-पानी में चुटकी भर सेंधा नमक और शहद मिलाकर पीने से शरीर का मिनरल लेवल तुरंत रिकवर होता है।


